3 जून हिमाचल: गवर्नमेंट नहान में पिछले कल एक बहुत ही शर्मनाक वाक्य सामने आया है जिसमें बच्चों ने परीक्षा दिए बिना ही तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने परिणाम घोषित कर दिया। एनएसयूआई के नेशनल कोआडिनेटर रूबल ठाकुर ने मीडिया से बात करते वक़्त यह कर कि “ इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड के वर्ष 2018-2020 के बैच के स्टूडेंट्स की परीक्षा हुई थी। जिसमें की ऑफलाइन परीक्षाएँ इंजीनियरिंग ड्राइंग और ट्रेड प्रैक्टिकल की 23 व 25 नवम्बर 2020 को हुई थी। आपको बता दे कि इसके साथ ही इन बैच के बच्चों की परीक्षा ऑनलाइन बहुतकनीकी कॉलेज धौलाकुआं जो की पोंटा साहिब में है होनी थी। लेकिन जिस वक़्त यह छात्र वहां पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि कुछ तकनीकी खराबी होने के कारण सर्वर डाउन हो गया है, जिसके चलते उनकी परीक्षा इस वक़्त नहीं हो सकती। कॉलेज प्रशासन ने बच्चों को आश्वासन दिया कि ये परीक्षा दोबारा ली जाएगी ।
परंतु लौकडाउन लग जाने के बाद जिन बच्चों की परीक्षाएँ होनी थी वो नहीं हो पायी। परंतु लौकडाउन लग जाने के बाद जिन बचों की परीक्षाएँ होनी थी वो नही हो पायी। परन्तु हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने 31 मई 2021 को उन बैच की परीक्षाओं का रिजल्ट घोषित कर दिया, जिसमे की 9 विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया। इस पर नेशनल कोऑर्डिनेटर रूबल ठाकुर भड़क उठे और उन्होंने इस शर्मनाक मामले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि आज तक पूरे शिक्षा विभाग में एसी घटना आज तक नहीं घटी और यह बहुत ही शर्मसार बात है कि बिना परीक्षा दिए ही रिज़ल्ट घोषित कर दिया गया। रूबल ठाकुर ने कहा कि एसा सब करके सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खेल ही नहीं रही है अपितु बच्चों की ज़िंदगी पर भी इसका ग़लत असर हो रहा है जो कि निंदनीय है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपनी इन हरकतों से बाज नहीं आती सो वह धरना प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेगें। उन्होंने यह भी कहा कि वह छात्रों के भविष्य के साथ सरकार को खिलवाड़ नहीं करने देंगें इसके लिए फिर उन्हें अपनी सीमा पार भी करनी पड़े तो भी वो पीछे नहीं हटेंगे।


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