दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय का आरोप, BJP वालों ने जान बूझकर दिवाली पर चलवाए पटाखे


 दीपावली के बाद दिल्‍ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने के मसले पर दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने अजीबोगरीब बात कही है. गोपाल राय ने कहा, ‘दीपावली की रात बीजेपी वालों ने जानबूझकर बम पटाखे चलवाए हैं ताकि दिल्ली सरकार को बदनाम किया जा सके. उन्‍होंने कहा कि हम उन दिल्लीवासियों को धन्यवाद देते हैं  जिन्होंने बम पटाखे नहीं चलाएं. कुछ थोड़े से लोगों ने बम पटाखे चलाए, जिसका असर दिल्ली के प्रदूषण पर दिखा है. बीजेपी नेताओं ने जानबूझकर जनता को उकसाया कि त्यौहार है बम जलाने से कुछ नहीं होगा. ‘

गौरतलब है कि दीवाली की अगली सुबह, देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में प्रदूषण से बुरा हाल देखने को मिला है. हालांकि प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए  दिल्ली सरकार ने पटाखों की बिक्री एवं इस्तेमाल पर रोक लगाई थी लेकिन दीवाली पर कई जगहों पर जमकर आतिशबाजी चलती देखी गई. इस का परिणाम यह हुआ कि दीवाली के अगले दिन यानी शुक्रवार सुबह राजधानी की वायु गुणवत्ता ‘खतरनाक’ स्थिति में पहुंच गई. आसमान पर धुंध की मोटी चादर छाई नजर आई.

दिल्ली के जनपथ इलाके में तो शुक्रवार सुबह वायु गुणवत्ता का स्तर 655.07 की ऊंचाई पर पहुंच गया. धुंध की मोटी चादर के कारण कई लोगों को आंखों में पानी आने और गले में खारिश महसूस हुई. एनसीआर के क्षेत्र नोएडा और गाजियाबाद में भी लगभग ऐसी ही हालत रही. यहां भी प्रदूषण गंभीर श्रेणी में पहुंच गया. गौरतलब है कि शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को ”अच्छा”, 51 और 100 के बीच ”संतोषजनक”, 101 और 200 के बीच ”मध्यम”, 201 और 300 के बीच ”खराब”, 301 और 400 के बीच ”बहुत खराब”, तथा 401 और 500 के बीच को ”गंभीर” माना जाता है.

आपको बता दें दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सदैव राजनीति होती आई हैं, खास कर दिवाली का त्योंहार नजदीक आते है, सभी की आंखे प्रदूषण को लेकर खुल जाती हैं, सभी वायु प्रदूषण को लेकर गंभीर नज़र आने लगते हैं, एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर चल पड़ता हैं, लेकिन इस बार जो बयान दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय की तरफ से आया हैं वो थोड़ा चौकाने वाला हैं ।

वहीं, दिवाली से एक दिन पहले भी गोपाल राय ने विपक्षी दलों से आतिशबाजी को धर्म से नहीं जोड़ने और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए बच्चों व बुजुर्गों की जान जोखिम में नहीं डालने की अपील की थी. उन्‍होंने कहा था कि कुछ लोग राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी करना चाहते हैं. मैं उनसे हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि दिल्ली के बच्चों और बुजुर्गों की जिंदगी से खिलवाड़ ना करें. राजनीति करने के लिए कई अन्य मुद्दे हैं. कृपया लोगों को सांस लेने दें. दिवाली दीयों का त्यौहार है, पटाखे जलाने का नहीं.

बहरहाल, दिल्‍ली सरकार ने आतिशबाजी को रोकने के लिए 27 अक्टूबर को ‘पटाखे नहीं दीये जलाओ’ अभियान शुरू किया था. जबकि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने 28 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी में 1 जनवरी 2022 तक पटाखों की बिक्री और उनके जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था. वहीं, दिल्‍ली में पटाखे जलाने में संलिप्त पाये जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के संबद्ध प्रावधानों और विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी. इसके बावजूद भी दिल्ली के कुछ इलाकों में जम कर आतिस्बाज़ी हुई, जिसका असर अब दिल्ली की हवा में देखा जा सकता हैं।

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