2 जून : पिछले कल सरकार ने सीबीएसई बोर्ड के लिए बड़ा फैसला लिया। खबर यह है की सरकार न CBSE बोर्ड की परीक्षा रद कर दी है। कोरोना संक्रमण के चलते यह काफ़ी समय से बात विवाद चल रही थी कि cbse बोर्ड वालों की परीक्षा रद्द होनी चाहिए। इस पर सरकार ने पिछले कल एक बहुत ही बड़ा फ़ैसला लिया जिसमें सरकार ने Cbse बोर्ड वालों की परीक्षा रद्द कर दी है। बारहवीं की cbse बोर्ड परीक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता की बैढक में यह बड़ा फ़ैसला लिया गया कि कोरोना संक्रमण के चलते बच्चों की परीक्षा करवाना उचित नही है।
उन्होंने अपने ट्विटर पर यह ट्वीट किया कि भारत सरकार बारहवीं की cbse बोर्ड परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि बहुत विचार विमर्श करने के बाद यह फ़ैसला लिया गया जो छात्रों के अनुकूल है। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला हमारे युवाओं के स्वास्थ्य एवं भविष्य की रक्षा करेगा। प्रधान नरेन्द्र मोदी जी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एक बैठक में यह फैसला लिए जिसमे अमित शाह , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह केंद्र मंत्री प्रकाश जावेडकर और वित् मंत्री निर्मला सीतारमण मौजूद रहे।
Cbse बोर्ड की परीक्षा का फैसला बहुत पहले ले लिया गया था परंतु शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल की तबियत ख़राब हो जाने के बाद वो यह जानकारी पीएम मोदी जी को नही दे पाये। आपको बता दें की शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल एम्स हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इन सब से पहले परीक्षा रद करने की बात दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी ने कही थी। उन्होंने भी अपने ट्विटर पर यह ट्वीट किया था कि परीक्षा को लेकर बच्चों में काफी तनाव की स्तिथि पैदा हो गयी है जिसके चलते उन्हें पेरेंट्स बहुत चिंतित हैं। बच्चों के पेरेंट्स यह चाहते है की बिना वक्सीनशन के बच्चों की परीक्षा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह कहा कि ऐसे में बच्चों के परीक्षा रद करनी चाहिए।
प्रधान मंत्री जी ने यह कहा की बच्चो के अंदर अपने भविष्य को लेकर चिंता और बेचैनी पैदा हो गयी है। उन्होंने कहा कि छात्रों की सूकरक्षा उनकी परीक्षा से ज़्यादा महत्पूरण नही है। और छात्रों को परीक्षा के लिए उन्हें मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। परीक्षा के इस नए फैसले से बच्चों में खुशी की लहर है और उनका तनाव भी कम हो गया है।


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