26 जून हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में बहुत लम्बे समय से छात्रों को प्रमोट करने के ऊपर बात विवाद चली आ रही है।पिछले कल NSUI के नेशनल कोआडिनेटर रूबल ठाकुर ने हिमाचल के राज्यपाल को एक ज्ञापन पत्र सौंपा। Nsui के नेशनल कोडिनेटर और उनके सभी साथी हर संभव प्रयास कर रहे है की छात्रों का भविष्य ख़राब न हो। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि रिअपियर में फसे हुए सभी छात्रों की 2019 के बाद से लेकर उनकी अभी तक कोई भी परीक्षा नहीं हुई है,जिस से जो छात्रों की डिग्री अभी तक उन्हें नहीं मिली है , थोड़े समय पहले आईटीआई नाहन में 9 छात्रों को बिना परीक्षा दिए फेल कर दिया गया था। उस समय हुआ यह था की वो परीक्षा ऑनलाइन होनी थी परन्तु कुछ तकनीकी खराबी आ जाने के कारण वह परीक्षा नहीं हो पायी परन्तु बाद में उन्हें यह पूरा आश्वासन दिलाया गया था परसासन की तरफ से की यह एग्जाम फिर से लिया जाएगा। इसके बाद कुछ समय बाद उन विद्यार्थियों का परिणाम बिना परीक्षा के ही घोषित कर दिया गया जिसमें 9 विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया। इसके साथ साथ रूबल ठाकुर ने प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को पिछले वर्ष की ही तरह प्रमोट करने की मांग रखी है।
प्रेस के साथ बात चीत के दौरान रूबल ठाकुर ने यह कहा कि सरकार ने पिछले वर्ष प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को प्रमोट किया था परन्तु उन बच्चों के साथ रिअपियर के छात्र भी थे जिनकी परीक्षायें उनके साथ होनी थी परंतु उसके बाद लौकडाउन लग गया और वो परीक्षायें नही हो पायी। उन बच्चों में कुछ ऐसे भी थे जिनके पास पेपर देने का यह आखरी वर्ष था। परन्तु वह इस वजह से पेपर नही दे पाये। ऐसी स्थिति में जिस वक्त सरकार को बच्चों के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए वह इस मौके का फ़ायदा उठाकर 20-20 हज़ार परीक्षा शुल्क वसूल रहा हैं , रूबल ठाकुर ने इसे बहुत ही निन्दयीय कहा है उन्होंने कहा कि इस संकट की स्तिथि में भी सरकार बच्चों को लूटने का कोई मौका नही छोड़ रही है। उन्होंने यह भी है कि सरकार की इस सिस्टम की वह कड़ी निंदा करते हैं और वह सरकार को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे।


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