28 मई, हिमाचल कार्ड राशन कार्ड उपभोक्ताओं को जून से नहीं मिलेगा रीफाइंड तेल उस रीफाइंड तेल के बदले उन्हें दो लीटर सरसों का तेल दिया जाएगा। हुआ यह कि इस बार खाद्य आपूर्ति निगम ने रीफंड तेल का टेंडर पास नहीं किया है। अगले माह से हिमाचल प्रदेश के राशन उपभोक्ताओं को सरसो का तेल 57 रूपए महंगा मिलेगा। इसकी जानकारी खाद्य विभाग ने पहले ही दे दी थी कि सरसो का तेल कुछ संसय बाद राशन डिपुओं में महंगा मिलेगा। सरसों का तेल APL उपभोक्ताओं को 160 रूपए और BPL को 155 रूपए प्रति लीटर के हिसाब से सरसों का तेल मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश में सरकार उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर राशन देती है सरकार उपभोक्ताओं को 1 लीटर रीफाइंड और एक लीटर सरसों का तेल उपलब्ध करवाती है। सरकार के द्वारा यह बताया जा रहा था कि रीफाइंड के तेल में भारी उछाल आया है इसके चलते सरकार ने यह खाद्य उद्योग के साथ मिलकर यह फैसला किया है कि अगले महीने तक राशन डिपुओं में सिर्फ 2 लीटर सरसों का तेल देने का फैसला किया है। सरकार ने इस कोरोना काल में यह महंगाई और बढा कर आम जनता की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। इस महंगाई में जहां हर तरफ लोग बहुत सी परेशानियों का सामना कर रहे हैं ऐसे में सरकार के यह नए नियम और महंगाई ने हर किसी को मजबूर कर दिया है। लोग सरकार के इस नए फैसले से बहुत परेशान हैं।
"आम जनता का यह कहना कि इस कोरोना महामारी में जहां आम लोगो को खाना पानी नहीं मिल रहा है ऐसे में सरकार अब राशन डिपुओं पर भी राशन और मंहगा करके बेच रही है क्या यह उचित है"
आप सरकार के इस फ़ैसले के बारें में क्या कहते हैं। अपना सुझाव नीचे कमैंट करें।


0 Comments